परमान टाइम्स

न्यूज नेटवर्क

कविता

               
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( कविता)-प्रसिद्ध यादव। बाबा साहब!कितने झेले दंशकितनी पी जहर की घूंट ।ऊंच-नीच,जाति, छुआछूत कीगांवों में,शहरों,महानगरों,स्कूल, कॉलेजों मेंसड़क पे,सदन में,चौक-चौराहों पेकट्टरपंथी,ढोंगी,पाखंडियों...

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नरपतगंज/बबलू सिंह नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत सीमावर्ती मानिकपुर गांव निवासी कवि रणविजय यादव अपनी लेखनी के माध्यम से विभिन्न रचनाओं के...

ये जिंदगी तेरी सलामती कहाँ ढूँढू?अदमखोर की छाया मेंनिष्ठुर, निर्दयी के आँखों मेंएंबुलेंस चोर की बस्ती मेंऑक्सीजं, दवा के दलालों...

अंतरराष्ट्रीय वन दिवस की बात निराली है,वनों से सुंदरता है, वनों से ही हरियाली है।पर्यावरणीय स्थिरता का आधार, वन ही...