August 17, 2022

परमान टाइम्स

न्यूज नेटवर्क

जिंदगी के फैसले …

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जिंदगी के बड़े फैसले लेने में बहुत चिंतित और तनावग्रस्त हो जाता हूं …।

राय बंटी हुई। अपने दिल की बात दबाए हूए, क‌ई उम्मीदों के साथ जीवन रथ की बढ़ती तमन्ना कितनी साकार हो पाएगी, इसका संशय, अंदर से डर पैदा करती है।

क‌ई प्रकार के सिद्धांतों से भी समझौता करना पड़ता है। कई लोगों के सम्मान की भी चिंता करनी पड़ती है।

भविष्य में यह गाड़ियां कैसी चलेगी? क्या होगा रास्ते का सफर? सफर के साथी कैसे होंगे? जिंदगी के दुर्घटना ग्रस्त क्षेत्रों की ओर तो नहीं चली जाएगी हमारी ट्रेन? सह चालक की मनोदशाएं कैसी होगी? … आदि जैसे अनेक सवाल हैं।

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ढेर सारे सवालत अंदर से भय उत्पन्न करती है।

क्या करूं कुछ समझना नहीं आता,
सही-गलत का फैसला करना नहीं आता,
डरता हूं किस पथ चला जाऊंगा मैं,
हर पथ पर मुझे चलना नहीं आता।

 

मनहरण