डीएम ने समीक्षात्मक बैठक कर दिये आवश्यक सुधार के निर्देश

  • सभी गर्भवती माताओं का हो चार बार प्रसव पूर्व जांच
  • एक भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहने पाये
  • जननी एवं बाल सुरक्षा योजना का लाभ 24 घंटे में

सहरसा, 7 जून। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित करते हुए स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों की विन्दुवार समीक्षा की। समीक्षात्मक बैठक में उप विकास आयुक्त शहिला हीर, सिविल सर्जन डा. किशोर कुमार मधुप, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. कुमार विवेकानंद, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. रविन्द्र कुमार, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डा. एस. सी. विश्वास, अस्पताल प्रबंधक अमित कुमार चंचल, जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनय रंजन, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक राहुल किशोर, जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी कंचन कुमारी, केयर इंडिया के डीटीएल रोहित रैना, यूनिसेफ के एसएमसी बंटेश नारायण मेहता एवं मजहरूल हसन, यूएनडीपी के भीसीसीएम मोहम्मद मुमताज खालिद, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि सहित प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंडों के स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक, मूल्यांकन एवं अनुश्रवण सहायक सह डाटा इंट्री ऑपरेटर आदि उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आंकड़ों का प्रदर्शन जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनय रंजन द्वारा प्रस्तुत किया गया।

सभी गर्भवती माताओं का हो चार बार प्रसव पूर्व जांच-
जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने समीक्षात्मक बैठक में अपने दिये पूर्व के बैठकों में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की स्थिति में जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों से ली। पूर्व के बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा जिले के सभी गर्भवती माताओं को प्रसव पूर्व जांच शत् प्रतिशत सुनिश्चित करने के निदेश जारी किये थे। जिसके आलोक में जिले ने अच्छी उपलब्धि हासिल की है। जिले के अनुमानित गर्भवती माताओं में 77 प्रतिशत माताओं का अब तक प्रसव पूर्व जांच शुरू की जा चुकी है। वहीं गर्भवती माताओं का किये जाने वाले चार प्रसव पूर्व जांच में चौथे प्रसव पूर्व जांच भी 71 प्रतिशत गर्भवती माताओं का आच्छादन किया जा चुका है। जिलाधिकारी द्वारा अपने पूर्व की समीक्षात्मक बैठक में जिले में चल रहे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान सभी प्रखंडों में प्रत्येक माह के 9 एवं 21वीं तिथि को बड़े अभियान के तौर आयोजित करने के लिए कहा गया था। इसके लिए सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के साथ काम कर रही आशा कार्यकर्त्ताओं से अपेक्षित सहयोग लिये जाने का निदेश जिला पदाधिकारी द्वारा किया गया था। इस आलोक में जिले में अच्छी प्रगति हासिल की है। जिला पदाधिकारी ने अपेक्षा से कम संस्थागत प्रसव क्रिया सम्पादित करने वाले प्रखंडों को अपेक्षित सुधार करने के निदेश दिये। जिले में चल रहे परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत बंध्याकरण एवं अन्य परिवार नियोजन के साधनों के उपयोग संबंधी आंकड़ों का अवलोकन करते हुए इसमें आवश्यक सुधार करने हेतु निदेश जारी किये। उन्होंने कहा आशा एवं एएनएम के माध्यम से लोगों को उत्पेरित कर परिवार कल्याण ऑपरेशन करवाया जाय। जिला पदाधिकारी जननी एवं बाल सुरक्षा योजना का भुगतान 24 घंटे के अंदर सुनिश्चित करने के निदेश भी दिये।

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ओपीडी उपस्थिति पर रही डीएम की नजर
जिला पदाधिकारी द्वारा ओपीडी में कार्यरत चिकित्सकों की उपस्थिति एवं उनके द्वारा प्रतिदिन देखे जा रहे मरीजों की संख्या पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा इसमें अपेक्षित सुधार लाना बहुत जरूरी है। यही बात उन्होंने जिले में कार्यरत दंत चिकित्सकों के लिए भी कही।

पूर्ण प्रतिरक्षण पर जिला पदाधिकारी का रहा जोर-
जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा द्वारा आयोजित समीक्षात्मक बैठक में बच्चों के पूर्ण टीकाकरण पर बल देने के आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। जिले की वर्त्तमान उपलब्ध मात्र 69.57 प्रतिशत की है जो राज्य स्तर से कम की है। इसके लिए जिला पदाधिकारी ने प्रखंडवार उपलब्धि पर असंतोष व्यक्त करते हुए निदेश दिये कि जिले का कोई भी बच्चा नियमिति टीकाकरण से आच्छादित होने से वंचित न रहने पाये। जिले में आगामी 19 जून से पल्स पोलियो अभियान पर भी जिला पदाधिकारी द्वारा कहा गया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपना अपेक्षित सहयोग प्रदान करना सुनिश्चित करते हुए सफल बनायें।