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बीएनएमयू के प्रोवीसी द्वारा संपादित जर्नल का विधान सभा अध्यक्ष ने किया लोकार्पण

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एएनसी जर्नल फॉर डिसकर्सेज इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज नामक शोध पत्रिका का हुआ विमोचन

मधेपुरा।

बीएनएमयू की प्रति कुलपति के संपादन में प्रकाशित शोध पत्रिका का ऑनलाइन विमोचन किया गया। एएनसी जर्नल फॉर डिसकर्सेज इन ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज नामक शोध पत्रिका का विमोचन बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने ऑनलाइन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शोध पत्रिका के प्रकाशन को ए एन कॉलेज की उपलब्धियों में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उक्ति को बताते कहा कि 21वीं सदी में भारतवर्ष पुनः विश्व गुरु बनेगा। इस दिशा में सफलता तभी मिल सकती है जबकि शोध कार्यों को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी जागरूकता के साथ विषय का अध्ययन करें तभी नवीन दृष्टि उड़ेगी और भारतवर्ष विश्व गुरु बन सकेगा। अध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार की शोध पत्रिका से निश्चित रूप से हमारी युवा पीढ़ी जो स्वाधीनता के अमृत वर्ष में अपने व्यक्तित्व का निर्माण कर सकता है वह स्वाधीनता के स्वर्ण जयंती वर्ष के आते आते अपने दायित्व का निर्वहन कर उसका संपूर्ण निष्ठा के साथ निर्वहन करेगा। यह पत्रिका उनके चारित्रिक विकास में भी सहायक होगा। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ आर के सिंह ने शोध पत्रिका के प्रकाशन पर संपादक मंडल के साथ-साथ पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से वह मदद करने के लिए हमेशा तैयार हैं। शोध पत्रिका के संपादक एन कॉलेज में दर्शन शास्त्र विभाग की प्रोफेसर सह बीएनएमयू के प्रति कुलपति डॉ आभा सिंह ने कहां की यह शोध पत्रिका मानविकी और समाज विज्ञान के विषयों को समावेशित करती है। आई एस एस एन युक्त यह शोध पत्रिका के प्रथम अंक में 16 शोध आलेख और दो पुस्तक समीक्षा को स्थान दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी आलेख के लेखक देश के नामचीन विद्वानों में शुमार हैं। सभी आलेखों को प्रकाशन से पूर्व समीक्षा की गई और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त मॉडर्न लैंग्वेज एसोसिएशन से रिफ्रेसिंग स्टाइल को अपनाया गया। इसके साथ ही सभी शोध आलेखों का प्ले ग्रिज्म टेस्ट भी कराया गया। आभा सिंह ने बताया कि कुल मिलाकर यह शोध पत्रिका शिक्षकों एवं बुद्धिजीवियों को एक मंच प्रदान करेगा। डॉ आभा सिंह ने बताया कि शोध पत्रिका उच्च गुणवत्तापूर्ण है और यह पत्रिका अगले अंक को यूजीसी केयर लिस्ट में शामिल करने हेतु समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मानविकी और समाज विज्ञान के विषय मानव के दैनिक जीवन से संबंधित है इस कारण यह शोध पत्रिका का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। क्योंकि इसके द्वारा शोध कार्य को गुणवत्ता प्रदान करने के साथ-साथ हमारी संस्कृति को भी नई ऊर्जा मिलती है। समारोह में स्वागत भाषण एन कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ एस पी शाही ने दिया। संचालन रत्ना अमृत ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर अजय कुमार ने किया।