सुरक्षाकर्मियों को पदक व पदोन्नति देकर प्रोत्साहित करे सरकारः कृष्ण कुमार

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नई दिल्ली। चीन के वुहान से निकलकर पूरी दुनिया में मौत बांट रहे कोरोना से बचने के लिए देश भर में लोग घरों में है लेकिन एक ऐसा तबका भी है जो अपनी जान की परवाह न कर दूसरों की सुरक्षा कवच बना हुआ है। सेवा का अन्यतम उदाहरण पेश करते हुए यह तबका दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर लगातार कार्य कर रहा है। यह तबका है सुरक्षाकर्मियों का। सुरक्षाकर्मी यह काम केवल वेतन के लिए नहीं कर रहे हैं बल्कि उनमें देशसेवा का जज्बा है। यह कहना है देश के जाने माने राजनीतिक रणनीतिकार व पॉलिसी मेकर तथा एंटी कोरोना टॉस्क फोर्स के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. कृष्ण कुमार का। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कोरोना संकट काल में अपने जान की परवाह न कर सेवा दे रहे सुरक्षाकर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पदक और पदोन्नति दिये जाने की मांग की है।

डॉ. कृष्ण कुमार ने  कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के इस भस्मासुरी रूप ने पूरे विश्व को भयभीत कर रखा है। लाइलाज कोरोना को सामाजिक दूरी बनाये रखकर ही मात दी जा सकती है। यही वजह है कि लोग घरों में है लेकिन मेडिकल कर्मियों व सफाई कर्मियों के साथ सुरक्षा कर्मी सड़कों पर लगातार अपने कर्तव्य पालन में जुटे हुए हैं। अब तक सैकड़ों सुरक्षाकर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। बावजूद इसके उनके मन में लेशमात्र भी भय नहीं है। वे पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं। ऐसा वह केवल वेतन या किसी अन्य आर्थिक लाभ के लिए नहीं कर रहे हैं बल्कि उनको ऐसा करने के लिए उनकी सेवा भावना प्रेरित कर रही है। ऐसे में उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कुछ खास किये जाने की जरूरत है।
झा ने कहा कि अपनी जान हथेली पर रखकर दूसरों के प्राणों की रक्षा करने वाले इन कोरोना योद्धाओं को प्रोत्साहित करना समय की मांग है। यह कुछ खास, आर्थिक लाभ देना नहीं है बल्कि उन्हें पदोन्नति देकर या कोरोना काल में की जा रही उनकी सेवा के लिए खास पदक प्रदान करना हो सकता है। झा के मुताबिक सुरक्षाकर्मी अपनी इस खास सेवा के बदले वेतन वृद्धि या आर्थिक मदद नहीं चाहते बल्कि सम्मान चाहते हैं। ऐसे में देश का फर्ज है कि उनके कार्यों को सम्मान दे।
उल्लेखनीय है कि एंटी कोरोना टॉस्क फोर्स के लगभग 35 हजार स्वयंसेवक पूरे देश में कोरोना के इस संकटकाल में देशवासियों की सतत सेवा में जुटे हुए हैं। जरुरतमंदों तक दैनिक उपभोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने से लेकर मास्क व सैनिटाइजर देने तक का कार्य एसीटीएफ के स्वयंसेवक कर रहे हैं। इन स्वयंसेवकों में सैकड़ों रिटायर्ड प्रशासनिक उच्चाधिकारी, जज, वकील, पत्रकार व समाज के अन्य वर्गों के सम्मानित लोग शामिल हैं।

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